बेटियां ही परिवार को बनाती हैं-डॉ चिन्मय पंड्या
अपने मध्य प्रदेश कार्यक्रम प्रवास क्रम में दिनांक 7 अप्रैल 2024 को देव संस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ चिन्मय पंड्या जी निमाड़ अंचल के बड़वानी जिले के तलवाड़ा बुजुर्ग ग्राम में गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ बड़वानी और सिरवी समाज द्वारा आयोजित दंपत्ति शिविर में पहुंचे। गायत्री शक्तिपीठ में मां गायत्री का पूजन कर उन्होंने सभी के कल्याण की प्रार्थना की। प्रसिद्ध आई माता मंदिर में पूजन कर उन्होंने परिजनों को संबोधित किया। ज्ञात है कि निमाड़ के इस ग्राम की भूमि सन् 1956 में परम पूज्य गुरुदेव की चरण रज से धन्य हुई है। डॉक्टर चिन्मय पंड्या जी ने कहा कि बेटियां ही परिवार को बनाती हैं तथा उसमें संवेदना का स्वर माता-भगिनी- बेटी-बहु के द्वारा ही मुखरित होता है। उन्होंने पारिवारिक जीवन में कलह का सबसे बड़ा कारण नशे को मिटाने एवं सुसंस्कारिता के अभिवर्धन हेतु सहयोग एवं प्रेम को महत्व देने की बात कही। तदुपरांत सामाजिक जीवन में परिवार-तंत्र की भूमिका को उद्घाटित किया तथा श्रेष्ठ मानवों के निर्माण पर बल देते हुए उत्कर्षप्रधान जीवनशैली की महत्ता बताई।
Recent Post
हमारी वसीयत और विरासत (भाग 130): स्थूल का सूक्ष्मशरीर में परिवर्तन— सूक्ष्मीकरण
Read More
हमारी वसीयत और विरासत (भाग 129): स्थूल का सूक्ष्मशरीर में परिवर्तन— सूक्ष्मीकरण
Read More
हमारी वसीयत और विरासत (भाग 128): स्थूल का सूक्ष्मशरीर में परिवर्तन— सूक्ष्मीकरण
Read More
हमारी वसीयत और विरासत (भाग 127): स्थूल का सूक्ष्मशरीर में परिवर्तन— सूक्ष्मीकरण
Read More
हमारी वसीयत और विरासत (भाग 126): तपश्चर्या— आत्मशक्ति के उद्भव हेतु अनिवार्य
Read More
हमारी वसीयत और विरासत (भाग 125): तपश्चर्या— आत्मशक्ति के उद्भव हेतु अनिवार्य
Read More
हमारी वसीयत और विरासत (भाग 124): तपश्चर्या— आत्मशक्ति के उद्भव हेतु अनिवार्य
Read More
हमारी वसीयत और विरासत (भाग 123): तपश्चर्या— आत्मशक्ति के उद्भव हेतु अनिवार्य:
Read More
हमारी वसीयत और विरासत (भाग 122): तपश्चर्या आत्मशक्ति के उद्भव हेतु अनिवार्य
Read More
कौशाम्बी जनपद में 16 केंद्रों पर संपन्न हुई भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा
उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जनपद में अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज की ओर से आयोजित होने वाली भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा शुक्रवार को सोलह केंद्रों पर संपन्न हुई। परीक्षा में पांचवीं से बारहवीं...