शांतिकुंज में हुई सर्वे सन्तु निरामयाः की सामूहिक प्रार्थना
हरिद्वार 1 जनवरी।
अखिल विश्व गायत्री परिवार ने सर्वे सन्तु निरामयाः की सामूहिक प्रार्थना के साथ वर्ष 2025 की प्रथम किरण का स्वागत किया। इस अवसर पर आयोजित सामूहिक गायत्री आरती एवं ध्यान में देश विदेश से आये हजारों परिजनों ने प्रतिभाग किया। तो वहीं हजारों नर-नारियों ने आत्मिक प्रगति के लिए ध्यान साधना के साथ 27कुण्डीय यज्ञशाला में विशेष आहुतियाँ डालकर अंग्रेजी कैलेण्डर वर्ष २०२५ का अभिनंदन किया।
अपने संदेश में अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या ने कहा कि यह साल युवाओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके माध्यम से नए अवसर और योजनाएँ उत्पन्न होने जा रही है, जो उन्हें अपनी प्रतिभा और शक्ति का सही उपयोग करने में मदद करेंगी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष नारी सशक्तिकरण, युवा जागरण के अभियानों को और गति देना है। अधिष्ठात्री श्रद्धेया शैलदीदी ने कहा कि यह वर्ष अच्छे विचारों को क्रियान्वित करने और अधूरे सपनों को पूरा करने हेतु दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने आया है। उन्होंने अपने व्यक्तिगत और सामूहिक प्रयासों से एक स्वस्थ और समृद्ध समाज की दिशा में कार्य करने हेतु परिजनों का आवाहन किया। साथ ही अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुखद्वय ने समस्त गायत्री परिजनों सहित देशवासियों को नववर्ष की शुभकामनाएँ दीं। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति युवा आइकॉन डॉ चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि यह वर्ष एक नई ऊर्जा और सत्प्रेरणा का प्रतीक है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्षम होगा। युवा शक्ति को जागरूक करना और उन्हें सही मार्ग पर अग्रसर करना ही इस समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, ताकि हम आने वाले वर्षों में समाज और राष्ट्र की समृद्धि को सुनिश्चित कर सकें।
देवसंस्कृति विश्वविद्यालय, ब्रह्मवर्चस शोध संस्थान एवं शांतिकुंज परिवार ने गायत्री परिवार प्रमुखद्वय से भेंटकर नववर्ष के लिए विशेष मार्गदर्शन प्राप्त किया। साथ ही विभिन्न संस्कार बड़ी संख्या में सम्पन्न कराये गये।
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