×
परिव्राजक की अनुकरणीय आस्था
July 29, 2024, 12:11 p.m.
नाहर लागून। अरूणाचल प्रदेश :
गायत्री शक्तिपीठ नाहर लागून पर विगत तीन वर्षों से समयदान कर रहे श्री अमित कुमार श्रीवास्तव ने अपनी श्रद्धा-सक्रियता का एक सराहनीय आदर्श प्रस्तुत किया है। उन्होंने अपनी सहयोग राशि से बचत कर शक्तिपीठ पर चल रहे निर्माण कार्य के लिए 1,51,111/- रूपए की राशि शक्तिपीठ के मुख्य ट्रस्टी श्रीमती बायें श्री अमित कुमार जी नीलम रानी को समर्पित की। पूर्वोत्तर जोन प्रभारी शान्तिकुञ्ज प्रतिनिधि श्री एम.के. शर्मा ने उनके साहसिक कदम का अभिनन्दन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्राणवान अग्रदूत ही परम पूज्य गुरूदेव के नवयुग की संरचना के संकल्पों को पूरा करने में राम के रींछ-वानर जैसी भूमिका निभाएँगे।
Related News
अहमदाबाद अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव में गायत्री परिवार के साहित्य स्टॉल पर गणमान्य व्यक्तियों का आगमन
अहमदाबाद। 'अच्छी पुस्तकें जीवंत देव प्रतिमाएं हैं ' ऐसा मानने वाले वेदमूर्ति तपोनिष्ठ युगदृष्टा पंडि...
राष्ट्र के जागरण का समय आ गया, 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ, हैदराबाद
दक्षिण भारत की अपनी यात्रा के दौरान, हैदराबाद, तेलंगाना में आयोजित 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ के दी...
“घर-घर अलख जगाएँगे, हम बदलेंगे जमाने के भाव” — डॉ. चिन्मय पंड्या जी का प्रेरणास्पद घर-घर अभियान
श्री विजयपुरम, अंडमान।
तीन-दिवसीय प्रवास के पहले दिन, देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति एवं...
श्री विजयपुरम में डॉ. चिन्मय पंड्या जी का प्रेरणादायी उद्बोधन — ‘मानवीय उत्कृष्टता’ के स्वर से गूंज उठा जनसमूह
श्री विजयपुरम, अण्डमान।
देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति एवं अखिल विश्व गायत्री परिवार, शां...
अंडमान के उत्तर से दक्षिण तक गुरुदेव के विचारों का प्रसार — डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने आरंभ की युग चेतना यात्रा
युगऋषि परम पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी के विचार, प्रेम और चेतना से अंडमान को अभिभूत कर...
गायत्री परिवार के प्रत्येक परिजन युग निर्माण योजना की सुदृढ़ नींव — डॉ. चिन्मय पंड्या अंडमान प्रवास के प्रथम दिवस पर कालीकट में आत्मीय संगम
अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिनिधि एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार ...
जर्मनी की ऐतिहासिक संसद में पहली बार गूंजा गायत्री मंत्र, डॉ. चिन्मय पंड्या ने किया भारत का प्रतिनिधित्व
हरिद्वार 8 अक्टूबर।
भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं की दिव्यता अब यूरोप की ऐतिहासिक धरती पर भी...
वैश्विक शैक्षणिक सहयोग की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि!
देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने माईकोलस रोमैरिस विश्वविद्या...
अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि!
विलनियस, लिथुआनिया में देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने Viln...
देव संस्कृति विश्वविद्यालय में श्री अरुण चतुर्वेदी जी का आगमन : भारतीय संस्कृति के आध्यात्मिक उत्थान पर हुई सारगर्भित चर्चा
आज देव संस्कृति विश्वविद्यालय के पावन परिकर में राजस्थान राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं राजस्थान के...
पूरी मानवता के लिए सूर्योदय होने जा रहा है, डॉ चिन्मय पण्ड्या शांतिकुंज की टीम भारत सहित अनेक देशों में करेंगे सघन जनसंपर्क
हरिद्वार 20 जुलाई।
देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति युवा आइकॉन डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा है ...
‘परम वंदनीया माताजी अन्नपूर्णा योजना’ के अंतर्गत विद्यार्थियों को सामग्री वितरण
अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज की ‘परम वन्दनीया माताजी अन्नपूर्णा योजना’ के अंतर्गत दिनांक 23 म...
