लातविया के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों एवं भारत के राजदूत संग सांस्कृतिक एवं शैक्षिक संवाद
अखिल विश्व गायत्री परिवार के युवा प्रतिनिधि एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने अपने लातविया प्रवास के दौरान रीगा स्थित भारतीय दूतावास में भारत की नवनियुक्त राजदूत आदरणीया श्रीमती नम्रता कुमार जी से शिष्टाचार भेंट की।
इस विशेष अवसर पर लातविया के प्रमुख विश्वविद्यालयों के प्रतिष्ठित शिक्षाविद भी उपस्थित रहे—
• प्रो. मार्सिस औज़िन्स (पूर्व रेक्टर, यूनिवर्सिटी ऑफ लातविया),
• प्रो. टिपान्स (प्रो-रेक्टर, रीगा टेक्निकल यूनिवर्सिटी),
• प्रो. इनिसे कोकिना (वाइस रेक्टर, डौगावपिल्स यूनिवर्सिटी)।
बैठक में भारत और लातविया के मध्य शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों पर आधारित सहयोग को विस्तार देने के विविध पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श हुआ। आदरणीय डॉ. पंड्या जी ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा स्थापित विश्व की सबसे बड़ी बाल्टिक अध्ययन केंद्र की अवधारणा साझा की, जिसे भारतीय और बाल्टिक संस्कृतियों के मध्य संवाद और सेतु निर्माण हेतु आरंभ किया गया है।
साथ ही उन्होंने पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी के विजन—“वैज्ञानिक अध्यात्मवाद एवं युग निर्माण”—की वैश्विक प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए यह संदेश दिया कि सांस्कृतिक संवाद, नैतिक शिक्षा और मानव कल्याण ही वैश्विक स्थायित्व का मार्ग हैं।
