शांतिकुंज से उत्तरकाशी आपदा राहत दल रवाना
हरिद्वार, 6 अगस्त।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद के धराली क्षेत्र में 5 अगस्त को बादल फटने के कारण हुई भीषण प्राकृतिक आपदा ने कई परिवारों को प्रभावित किया। इस घातक घटना को देखते हुए शांतिकुंज ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आपदा प्रबंधन दल का गठन किया और राहत सामग्री लेकर एक विशेष राहत दल उत्तरकाशी भेजने का निर्णय लिया।
शांतिकुंज की अधिष्ठात्री श्रद्धेया शैलदीदी के मार्गदर्शन में एक आपदा प्रबंधन बैठक आयोजित की गई, जिसमें राहत कार्यों की रूपरेखा तैयार की गई। श्रद्धेया शैलदीदी ने घटना पर गहरा दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तरकाशी में आई इस आपदा से समस्त गायत्री परिवार व्यथित है। उन्होंने माँ गायत्री से प्रार्थना की कि हताहतों को शांति एवं शोकाकुल परिवारों को धैर्य प्रदान हो। साथ ही, शांतिकुंज इस संकट के समय में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा रहेगा।
इस राहत कार्य के लिए प्रशिक्षित आपदा प्रबंधन दल के सदस्य श्री इन्द्रजीत सिंह के नेतृत्व में राहत दल उत्तरकाशी के लिए रवाना हुआ। राहत दल में शांतिकुंज के वरिष्ठ कार्यकर्ता भी शामिल थे। शांतिकुंज व्यवस्थापक श्री योगेन्द्र गिरि ने बताया कि राहत दल स्थानीय प्रशासन और प्रभावित परिवारों के संपर्क में है। टीम ने पीड़ितों की आवश्यकताओं का आकलन करने के बाद उन्हें त्वरित सहायता देने की योजना बनाई है। इसके तहत अस्थायी भोजनालय की स्थापना, कपड़े, बर्तन, सूखा राशन और नाश्ते जैसी आवश्यक सामग्री का वितरण किया जाएगा।
इससे पहले भी शांतिकुंज का आपदा प्रबंधन दल केदारनाथ, पिथौरागढ़, गुजरात भूकंप और नेपाल भूकंप जैसी गंभीर आपदाओं में सक्रिय रूप से सेवा दे चुका है। इस बार भी शांतिकुंज ने अपनी सेवा, संवेदना और समर्पण की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उत्तरकाशी के पीड़ितों के प्रति अपनी सहायता और सहानुभूति का हाथ बढ़ाया है।
गायत्री तीर्थ शांतिकुंज के वरिष्ठ कार्यकर्ता इस राहत अभियान में सक्रिय रूप से शामिल हुए और शांतिकुंज के प्रमुखद्वय श्रद्धेय डॉ साहब और श्रद्धेया जीजी ने इस आपदा में पीड़ित परिवारों को संबल देने के लिए भगवान से प्रार्थना की। उन्होंने शांतिकुंज के राहत दल को शीघ्र राहत पहुंचाने के निर्देश दिए।
