राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर देव संस्कृति विश्वविद्यालय में विशेष आयोजन
7 अगस्त 2025 को देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार में ग्राम प्रबंधन विभाग द्वारा राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का आयोजन धूमधाम से किया गया। इस अवसर पर शांतिकुंज के व्यवस्थापक आदरणीय श्री योगेंद्र गिरी जी एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति आदरणीय श्री शरद पारधी जी की विशेष उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का उद्घाटन आदरणीय श्री योगेंद्र गिरी जी द्वारा किया गया। उन्होंने भारतीय हथकरघा उद्योग की सांस्कृतिक और आर्थिक महत्ता पर प्रकाश डाला। श्री गिरी जी ने अपने सम्बोधन में कहा, "हथकरघा भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है, जो न केवल हमारे पारंपरिक शिल्प कौशल को संरक्षित करता है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा भी है।" उन्होंने स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कुलपति श्री शरद पारधी जी ने भी अपने सम्बोधन में भारतीय हथकरघा उद्योग के योगदान और इसके भविष्य की दिशा पर चर्चा की। उन्होंने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों से इस उद्योग के संरक्षण और प्रचार-प्रसार में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
कार्यक्रम में शांतिकुंज के संत, विश्वविद्यालय के शिक्षकों, छात्रों और ग्रामीण कारीगरों ने भी भाग लिया। इस अवसर पर विभिन्न हथकरघा उत्पादों की प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जिसमें स्थानीय कारीगरों द्वारा तैयार किए गए वस्त्र और अन्य हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन किया गया।
यह आयोजन न केवल भारतीय हथकरघा उद्योग की महत्ता को दर्शाता है, बल्कि यह स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
