दो दिवसीय महाप्रयाण दिवस कार्यक्रम का समापन दीप महायज्ञ के साथ सम्पन्न
हरिद्वार, 7 सितम्बर।
गायत्री परिवार की संस्थापिका वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी के महाप्रयाण दिवस पर आयोजित दो दिवसीय श्रद्धांजलि कार्यक्रम का समापन शांतिकुंज परिसर में दीप महायज्ञ के साथ अत्यंत श्रद्धा और भावपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। भाद्रपद पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित इस विशेष आयोजन में देश-विदेश से आए हजारों परिजनों ने भाग लेकर माताजी के प्रति श्रद्धा अर्पित की।
6 और 7 सितम्बर को सम्पन्न हुए इस कार्यक्रम के दौरान शांतिकुंज परिसर माताजी की स्मृतियों से ओतप्रोत रहा। परिजनों ने भावविभोर होकर माताजी के व्यक्तित्व, उनके मातृत्वपूर्ण स्नेह, मार्गदर्शन और जीवन मूल्यों को आत्मसात किया।
कार्यक्रम के दूसरे दिन की शुरुआत एक विशाल शोभायात्रा के साथ हुई, जिसमें हजारों परिजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शोभायात्रा के उपरांत आयोजित अखंड जप अनुष्ठान एवं विचार गोष्ठियों में वक्ताओं ने माताजी के जीवन-दर्शन, त्याग, तप, और उनके मिशन के प्रति समर्पण पर प्रकाश डाला।
दोपहर के सत्र में शांतिकुंज की नारीशक्ति ने सभागार में उपस्थित परिजनों के समक्ष अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि किस प्रकार माताजी की स्थूल उपस्थिति के साथ-साथ उनका सूक्ष्म संरक्षण आज भी उनके जीवन को दिशा दे रहा है। उनके मार्मिक अनुभवों को सुनकर उपस्थित जनसमुदाय भावुक हो उठा और पूरा सभागार गहन श्रद्धा में डूब गया।
सायंकाल में, शांतिकुंज की ब्रह्मवादिनी बहिनों द्वारा आयोजित दीप महायज्ञ कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। दीपों की पंक्तियाँ जैसे माताजी के त्याग और तप की ज्योतियों को फिर से प्रज्वलित कर रही थीं। इस अवसर पर उपस्थित सभी परिजनों ने माताजी के दिखाए मार्ग पर चलने और उनके मिशन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
इन दो दिनों के दौरान शांतिकुंज परिसर एक आध्यात्मिक ऊर्जा केंद्र के रूप में परिवर्तित हो गया, जहाँ भक्ति, भाव और माँ के प्रति गहन श्रद्धा का समन्वय स्पष्ट दिखाई दे रहा था। माताजी की पुण्यतिथि न केवल एक श्रद्धांजलि अवसर बना, बल्कि यह लाखों परिजनों के लिए अपनी आध्यात्मिक माँ से पुनः जुड़ने तथा गायत्री मिशन की प्रेरणाओं को फिर से आत्मसात करने का सशक्त माध्यम भी बना।
