देव संस्कृति विश्वविद्यालय में शोध सत्र के माध्यम से वैश्विक चुनौतियों के समाधान हेतु भारतीय दृष्टिकोण का विश्लेषण
देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार में पूर्व में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन “वैश्विक समस्याएँ – भारतीय समाधान” के अंतर्गत एक विशेष शोध सत्र का आयोजन हुआ।
इस सत्र में विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी के मार्गदर्शन एवं प्रेरक विचारों से प्रतिभागीगण लाभान्वित हुए।
इस अवसर पर 40 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें शोधकर्ताओं और विद्वानों ने समकालीन वैश्विक चुनौतियों का विश्लेषण करते हुए उनके समाधान हेतु भारतीय ज्ञान-विज्ञान, सनातन परंपराओं और आधुनिक दृष्टिकोणों के समन्वय को रेखांकित किया। प्रत्येक शोध पत्र ने सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परिप्रेक्ष्य से नई सोच और उपयोगी दृष्टि प्रदान की।
कार्यक्रम के समापन सत्र में आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी के कर-कमलों से विशिष्ट शोध प्रस्तुतियों हेतु प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, जिससे शोधकर्ताओं को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
यह शोध सत्र इस तथ्य को पुनः पुष्ट करता है कि भारतीय चिंतन और सनातन परंपरा आज भी वैश्विक समस्याओं के समाधान हेतु प्रभावी दिशा-दर्शन प्रदान कर सकते हैं।
