विश्व पर्यटन दिवस : देवसंस्कृति विश्वविद्यालय में सप्ताहभर विशेष आयोजन
देवसंस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज, हरिद्वार के पर्यटन प्रबंधन विभाग द्वारा विश्व पर्यटन दिवस (21 सितम्बर) के उपलक्ष्य में 21 से 27 सितम्बर तक सप्ताहभर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष की थीम “Tourism and Sustainable Transformation” को केंद्र में रखते हुए कार्यक्रमों का उद्देश्य पर्यटन को सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक परिवर्तन का सशक्त साधन बनाना है।
विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि—
“सतत पर्यटन केवल पर्यावरण की रक्षा का माध्यम नहीं है, बल्कि यह स्थानीय संस्कृति व परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक सशक्तिकरण का मार्ग भी प्रशस्त करता है। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय सदैव ऐसे शैक्षिक व सांस्कृतिक प्रयास करता रहा है, जिनसे विद्यार्थियों में नैतिकता, जिम्मेदारी और समाजोपयोगी दृष्टिकोण विकसित हो।”
पर्यटन प्रबंधन विभागाध्यक्ष डॉ. अरुणेश पाराशर ने बताया कि इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए विशेषज्ञ व्याख्यान, कार्यशालाएँ, पोस्टर प्रदर्शनी, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, नृत्य-नाटिका, खेलकूद एवं विभिन्न रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। “Sustainable Transformation in Tourism” विषय पर विशेष संगोष्ठी में नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं, उद्योग प्रतिनिधियों एवं विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता होगी।
पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी के “तीर्थ क्यों और कैसे” ग्रंथ से प्रेरणा लेते हुए इस अवसर पर आचार्यश्री की हिमालय यात्रा से संबंधित विशेष आध्यात्मिक पर्यटन itinerary का विमोचन किया गया।
कार्यक्रम का समापन डॉ. उमाकांत इंदौलिया द्वारा हुआ। उन्होंने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पर्यटन के सतत स्वरूप को समझना आज के युग की आवश्यकता है।
