'स्वच्छोत्सव' में शांतिकुंज का विराट श्रमदान: 2 किलोमीटर गंगा तट को किया कूड़ा-मुक्त
हरिद्वार, उत्तराखंड: देवभूमि की पावन तीर्थनगरी हरिद्वार में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक मनाए जा रहे "स्वच्छोत्सव" स्वच्छता सेवा पखवाड़ा को अखिल विश्व गायत्री परिवार ने अपने अथक श्रमदान से नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। अखिल विश्व गायत्री परिवार विगत तीन दशकों से अधिक समय से नमामि गंगे अभियान के तहत देश की प्रमुख नदियों की स्वच्छता को प्राथमिकता दे रहा है, आज पुनः गायत्री परिवार शांतिकुंज ने स्वच्छता सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत स्वच्छ जल, स्वच्छ पर्यावरण अभियान को साकार करते हुए मां गंगा के तटों को स्वच्छ और सुंदर बनाने का अभियान चलाया।
यह विशेष स्वच्छता अभियान 1 अक्टूबर को शुरू किया गया, जब गायत्री तीर्थ शांतिकुंज के सैकड़ों कार्यकर्ता भाई-बहिनों और शिविरार्थियों ने सुबह नवरात्रि साधना की पूर्णाहुति करने के बाद मां गंगा स्वच्छता सेवा का संकल्प लिया।
भूपतवाला क्षेत्र को केंद्र बनाकर शुरू किए गए इस विराट अभियान में, परिजनों ने घाट नंबर 1 से लेकर घाट नंबर 20 तक, लगभग 2 किलोमीटर के विशाल क्षेत्र को कूड़ा मुक्त करने का लक्ष्य रखा। "स्वच्छ हरिद्वार, सुंदर हरिद्वार" के निमित्त अपना सहयोग देते हुए, शांतिकुंज के स्वयंसेवकों ने संगठित होकर पतित पावनी मां गंगा को अपना श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
स्वयंसेवकों के समूह को सात अलग-अलग दलों में संगठित किया गया था, जिन्होंने दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक लगातार तीन घंटे तक अथक श्रमदान किया। इस दौरान उन्होंने तटों पर बिखरे प्लास्टिक, पूजा सामग्री के अवशेष और अन्य कूड़े को हटाकर घाटों को साफ किया। गंगा तटों की सफाई में जुटे कार्यकर्ताओं ने इस कार्य को सेवा भाव से करते हुए अपना पसीना बहाया, जिससे यह अभियान मात्र सफाई न रहकर, एक आध्यात्मिक अनुष्ठान का रूप ले सका।
इस महत्वपूर्ण सेवा कार्य में शांतिकुंज व्यवस्थापक आदरणीय श्री योगेंद्र गिरी सहित सभी वरिष्ठ कार्यकर्ता भी मौजूद रहे, जिन्होंने स्वयं श्रमदान कर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया। गायत्री परिवार का यह प्रयास न केवल "स्वच्छोत्सव" को सफल बनाता है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि गंगा की स्वच्छता हर नागरिक का नैतिक और धार्मिक कर्तव्य है। छाया प्रति
