आदरणीय डॉक्टर चिन्मय पंड्या जी की अध्यक्षता, मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री जी की गरिमामयी उपस्थिति में युवा चिंतन शिविर का शुभारंभ
भोपाल स्थित शारदा विहार परिसर में आयोजित मध्यप्रदेश प्रांतीय युवा चिंतन शिविर का शुभारंभ आज अखिल विश्व गायत्री परिवार के युवा प्रतिनिधि एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी की अध्यक्षता में हुआ।
इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री श्री मोहनलाल यादव जी मुख्य अतिथि के रूप में तथा माननीय केंद्रीय मंत्री श्री दुर्गादास उइके जी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
प्रदेश के सभी जिलों से आए हुए हज़ारों की संख्या में युवा एवं संगठन के प्रतिनिधि इस तीन दिवसीय युवा चिंतन शिविर (27 से 29 अक्टूबर) का लाभ ले रहे हैं।
तीन दिवसीय युवा चिंतन शिविर के प्रथम दिवस पर आज के उद्घाटन सत्र में आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने उपस्थित युवाओं एवं प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा —
“वंदनीया माताजी के जन्म एवं अखंड दीपक प्राकट्य के शताब्दी वर्ष का यह काल प्रत्येक गायत्री परिजन के लिए राष्ट्र निर्माण के संकल्प का आह्वान लेकर आया है। हमें 21वीं सदी के संविधान — युग निर्माण सत संकल्प के 18 सूत्रों — के जरिए विचार क्रांति अभियान को जन-जन तक पहुँचाना है।”
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि जाति, लिंग, भाषा और सम्प्रदाय के भेदभावों से ऊपर उठकर, भारत माता को आराध्या मानते हुए, युग ऋषि वेद मूर्ति तपोनिष्ट पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य एवं स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों पर चलते हुए राष्ट्र निर्माण में जुटें।
मुख्य अतिथि माननीय मुख्यमंत्री श्री मोहनलाल यादव जी ने अपने उद्बोधन में कहा —
“गायत्री परिवार भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के मूल तत्वों को विश्वभर में प्रतिष्ठित कर रहा है। मध्यप्रदेश की यह भूमि अध्यात्म और सामाजिक परिवर्तन का केंद्र रही है। यह युवा चिंतन शिविर अध्यात्म के विस्तार और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा। शिविर से प्राप्त निष्कर्षों और सुझावों पर प्रदेश सरकार प्राथमिकता से कार्य करेगी।”
कार्यक्रम स्थल “युवा चेतना से राष्ट्र चेतना” एवं “व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण” के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा, जहां युवाओं ने एक स्वर में राष्ट्र निर्माण का संकल्प दोहराया।
