राष्ट्र जागरण दीप महायज्ञ में युवाओं ने गुरु कार्य में साझेदारी हेतु विचार क्रांति अभियान को जन-जन तक पहुँचाने का लिया संकल्प
भोपाल के शारदा विहार आवासीय विद्यालय परिसर में आयोजित मध्य प्रदेश प्रांतीय युवा चिंतन शिविर की पहली शाम राष्ट्र जागरण दीप महायज्ञ के रूप में दिव्य और प्रेरणादायी बन गई।
पूरे परिसर में जलते दीपकों की रोशनी ने वातावरण को आलोकित कर दिया — यह प्रकाश अज्ञान के अंधकार को मिटाकर ज्ञान की ज्योति प्रज्वलित करने का संदेश दे रहा था।
"दिए से दिया जले" प्रज्ञा गीत के साथ युवाओं ने स्वयं जागृत होकर समाज को जागृत करने का संकल्प लिया। मंत्रोच्चारण से वातावरण में दिव्यता और ऊर्जा का संचार हुआ।
इस अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार के युवा प्रतिनिधि एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति, आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा —
“परम पूज्य गुरुदेव ने अध्यात्म को सरल बनाकर जन-जन तक पहुँचाया। वंदनीया माताजी के जन्म एवं अखंड दीपक प्राकट्य के शताब्दी वर्ष में हमें साधना को जीवन की धुरी बनाना होगा। गुरुदेव के विराट व्यक्तित्व को स्वयं समझें और जन-जन को समझाएं। साहित्य पढ़ें-पढ़ाएं और गुरु कार्य में साझेदार बनें।”
दीपों की यह श्रृंखला केवल प्रकाश का नहीं, बल्कि विचार क्रांति अभियान के माध्यम से राष्ट्र जागरण के नवयुग का उद्घोष बन गई।
