शांतिकुंज महिला मंडल अध्यक्षा श्रीमती शेफाली पंड्या दीदी का आदर्श ग्राम शौलाना (हापुड़) में आत्मीय स्वागत
हापुड़, उत्तर प्रदेश।
दिनांक 9 नवंबर 2025 को शांतिकुंज हरिद्वार की वरिष्ठ प्रतिनिधि, शांतिकुंज महिला मंडल एवं गायत्री विद्यापीठ व्यवस्था मंडल की अध्यक्षा आदरणीया श्रीमती शेफाली पंड्या दीदी का उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में स्थित आदर्श ग्राम शौलाना में आगमन हुआ। ग्राम वासियों ने आदरणीया दीदी का अत्यंत आत्मीय एवं भावपूर्ण स्वागत किया।
ग्राम शौलाना स्थित प्रज्ञापीठ के गायत्री माता मंदिर में आदरणीया दीदी ने सर्वप्रथम माता का पूजन-अर्चन किया और आशीर्वाद लिया। इसके पश्चात उन्होंने वहां उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं का कुशलक्षेम जाना और उनका उत्साहवर्धन किया।
प्रज्ञापीठ के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने दीदी को विस्तार से जानकारी दी कि यह केंद्र पिछले 40 वर्षों से भी अधिक समय से परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य एवं परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा की युगनिर्माण योजना अभियान में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जुटा हुआ है। इस दौरान शौलाना ग्राम में संचालित होने वाली विभिन्न गतिविधियों (जैसे यज्ञ, संस्कार, शिक्षा, स्वाध्याय, साधना, रचनात्मक कार्य) की विस्तृत जानकारी भी प्रस्तुत की गई।
आदरणीया दीदी ने शांतिकुंज द्वारा संचालित पाठशाला "गायत्री विद्यापीठ" का भी मुआयना किया। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति और शिक्षा व्यवस्था का गहन अवलोकन किया तथा शिक्षकों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
आदरणीया दीदी ने शौलाना ग्राम वासियों और कार्यकर्ताओं की कर्मठता और जीवटता की खुले दिल से प्रशंसा की। उन्होंने कहा, "शौलाना ग्राम और यहां के कार्यकर्ताओं की कर्मठता, जीवटता एवं गुरुदेव के अभियान के प्रति समर्पण के विषय में बहुत सुना था, आज साक्षात् देखा भी।"
दीदी ने आगामी परम वंदनीया माता जी एवं अखंड दीप शताब्दी समारोह में अपना समय, श्रम एवं सेवा देने हेतु सभी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया।
आदरणीया शेफाली पंड्या दीदी के साथ इस महत्त्वपूर्ण दौरे पर गायत्री विद्यापीठ शांतिकुंज के प्रधानाचार्य एवं उप प्रधानाचार्य सहित चेतना केंद्र नोएडा के व्यवस्थापक और अनेक वरिष्ठ गणमान्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे, जिन्होंने शौलाना ग्राम के कार्यकर्ताओं को अपना मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया।
यह दौरा शौलाना ग्राम के कार्यकर्ताओं और निवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना, जिससे उनमें युगनिर्माण अभियान के प्रति समर्पण की भावना और सुदृढ़ हुई।
