संविधान दिवस पर देसंविवि में आचार्यों एवं विद्यार्थियों ने ली संविधान के प्रति निष्ठा और कर्तव्य-पालन की शपथ
उच्च शिक्षा निदेशालय, उत्तराखंड तथा युवा एवं खेल मंत्रालय–एनएसएस, भारत सरकार, नई दिल्ली के निर्देशानुसार देव संस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज में संविधान दिवस एवं राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मातृभूमि मंडपम में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मातृभूमि मंडपम में स्थापित भारत माता की प्रतिमा के समक्ष पूजन-वंदन, परम पूज्य गुरुदेव एवं परम वंदनीय माताजी के स्मृति चरणों में पुष्पांजलि तथा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। माननीय प्रति कुलपति महोदय के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सभी अधिकारीगण, संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, स्टाफ सदस्य एवं विद्यार्थी उत्साहपूर्वक शामिल हुए।
उपस्थित सभी आचार्य-आचार्याओं एवं विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया तथा भारत के संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन कर संविधान के प्रति निष्ठा एवं कर्तव्यों के पालन की शपथ ली।
इस अवसर पर कुलसचिव महोदय ने संविधान को अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ कर्तव्य-पालन की प्रेरणा देने वाला महान दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी यदि संविधान की मूल भावना को व्यवहार में उतार दे, तो राष्ट्र निश्चित ही सशक्त एवं समृद्ध बन सकता है। अंत में उपकुलसचिव महोदय ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
