आदरणीय डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी का बुलंदशहर आगमन : कार्यकर्ता संगोष्ठी में युगनिर्माण हेतु प्रेरक उद्बोधन
अखिल विश्व गायत्री परिवार के युवा प्रतिनिधि, पूज्य गुरुदेव के संदेशवाहक एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति-कुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी अपने चार दिवसीय उत्तर प्रदेश प्रवास के प्रथम चरण में बुलंदशहर पहुँचे।
यहाँ गृहे–गृहे यज्ञ एवं ज्योति कलश यात्रा के सफलतापूर्वक सम्पन्न होने पर एक कार्यकर्ता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। आदरणीय डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी ने सर्वप्रथम शक्तिपीठ पहुँचकर माँ गायत्री की आरती की तथा तत्पश्चात कार्यक्रम स्थल पर पहुँचकर उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं को अपने प्रेरक उद्बोधन से संबोधित किया।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आगामी वर्ष हम सभी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि हम परम वंदनीया माताजी की जन्म शताब्दी एवं अखंड दीपक के शताब्दी वर्ष का उत्सव मनाने जा रहे हैं। ऐसे समय में प्रत्येक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। हमें पूज्य गुरुदेव और परम वंदनीया माताजी के अंग-अवयव बनकर युग कार्य में जुटना होगा तथा उनके युग निर्माण विचारों को समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुँचाना होगा।
आदरणीय डॉ. साहब ने यह भी कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता को अपने भीतर झाँककर यह देखना चाहिए कि हम पहले क्या थे और पूज्य गुरुदेव से जुड़ने के पश्चात क्या बन गए—इसी आत्मचिंतन से हमारा मार्ग उज्ज्वल होता है।
कार्यक्रम के समापन पर आदरणीय डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। तत्पश्चात वे अपने अगले कार्यक्रम हेतु प्रस्थान कर गए।
