गायत्री शक्तिपीठ पर आगमन, प्रखर प्रज्ञा–सजल श्रद्धा लोकार्पण एवं महाकाल मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा
देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी का बलरामपुर, उत्तर प्रदेश स्थित गायत्री शक्तिपीठ पर मंगल आगमन हुआ। आदरणीय पंड्या जी ने शक्तिपीठ में सादर दर्शन-पूजन करते हुए परम पूज्य गुरुदेव के तपो–प्रवाह को नमन किया।
इस शुभ अवसर पर ‘प्रखर प्रज्ञा – सजल श्रद्धा’ का दिव्य लोकार्पण एवं महाकाल मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा का अत्यंत पावन समारोह संपन्न हुआ। आदरणीय पंड्या जी ने विधि-विधानपूर्वक जलाभिषेक एवं प्रार्थना की, तथा समस्त समाज, राष्ट्र और विश्व कल्याण हेतु विशेष संकल्प व्यक्त किया।
तत्पश्चात आयोजित भव्य मंचीय कार्यक्रम में आदरणीय पंड्या जी ने श्रद्धालुओं एवं परिजनों को संबोधित करते हुए कहा कि—“युगनिर्माण का आधार मनुष्य के भीतर की दिव्यता का जागरण है; जब हम स्वयं बदलते हैं, तब समाज का रूपांतरण स्वतः संभव होता है।”
शक्तिपीठ परिसर में उत्साह, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालु आदरणीय पंड्या जी के आगमन एवं उद्बोधन से प्रेरित और भाव-विभोर हुए।
